हिंदी : भारत की पहचान
भारत की पावन धरती पर,जिसने स्वर का रूप लिया,जन-जन के मन की बात कही,हिंदी ने विस्तार लिया। कबीर ने इसमें सत्य कहा,मीरा ने प्रेम सुनाया है,तुलसी ने मर्यादा रचकर,जन-जन को राह दिखाया है। जैसी मन में उठती वाणी,वैसी ही यह लिखती है,सच्चे, सरल और सहज भाव से,मन की बातें कहती है। दुःख में बनती सांत्वना,सुख…