मोहनदास से महात्मा तक : गांधी के जीवन और विचारों की यात्रा
इतिहास में कभी-कभी कोई साधारण-सा दिखने वाला मनुष्य अपने असाधारण विचारों से अपने समय की सीमाएँ लाँघ जाता है। उसके हाथ में न तलवार होती है, न कोई विशाल सेना; फिर भी उसकी आवाज सत्ता की ऊँची दीवारों तक पहुँचती है और उसका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रश्न बन जाता है—क्या सत्य…