हिंदी : भारत की पहचान — हिंदी भाषा, भारत का मानचित्र और साहित्य का प्रतीक

हिंदी : भारत की पहचान

भारत की पावन धरती पर,जिसने स्वर का रूप लिया,जन-जन के मन की बात कही,हिंदी ने विस्तार लिया। कबीर ने इसमें सत्य कहा,मीरा ने प्रेम सुनाया है,तुलसी ने मर्यादा रचकर,जन-जन को राह दिखाया है। जैसी मन में उठती वाणी,वैसी ही यह लिखती है,सच्चे, सरल और सहज भाव से,मन की बातें कहती है। दुःख में बनती सांत्वना,सुख…

Read More
साँझ के समय शहर की सड़क पर परछाइयों के बीच बहती ज़िन्दगी का दृश्य

परछाइयों के बीच भागती ज़िन्दगी

✒️ कुन्दन समदर्शी परछाइयों के बीच भागती ज़िन्दगी,साँझ की उन -पगडंडियों सीजहाँ धूप थककर पेड़ों के तलेचुपचाप बैठ जाती है। हर कदम पर स्मृतियों कीकोमल पत्तियाँ चटकती हैं—कुछ पीली, कुछ अभी भी हरी,जैसे समय ने उन्हेंपूरा विदा करना भूल गया हो। हम तेज़ चले,कि कहीं यह न दिखेकि भीतर एक नन्हा-सा मनअब भी किसी पुराने…

Read More