रामधारी सिंह दिनकर

“कलम, आज उनकी जय बोल!” हिंदी साहित्य-जगत में कुछ रचनाकार ऐसे हुए हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं, विचारों और शब्दों की अमिट छाप से समय की सीमाओं को लाँघते हुए आने वाली पीढ़ियों के हृदय में अपना विशिष्ट स्थान बना लिया है।रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ऐसे ही युगद्रष्टा रचनाकार थे। उनके शब्दों में जहाँ स्वतंत्रता की आकांक्षा…

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रामधारी सिंह दिनकर का चित्र

रामधारी सिंह दिनकर का जीवन परिचय

हिंदी साहित्य में जब भी ओज, शौर्य और राष्ट्रीय चेतना की चर्चा होती है, तो सबसे पहले जिस नाम की स्मृति कौंधती है, वह है रामधारी सिंह ‘दिनकर’। वे ऐसे कवि थे जिन्होंने साहित्य को केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं रहने दिया, बल्कि उसे समाज और राष्ट्र की चेतना से जोड़ा। उनकी कविताओं में संघर्ष…

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