मैथिलीशरण गुप्त का चित्र – हिंदी साहित्य के राष्ट्रकवि

मैथिलीशरण गुप्त : शब्दों में बसती सभ्यता

यदि किसी कवि को पढ़ते हुए ऐसी अनुभूति हो कि आप केवल शब्द नहीं पढ़ रहे, बल्कि शब्दों में निहित भावों के माध्यम से पूरी सभ्यता आपसे संवाद कर रही है — तो समझिए आप मैथिलीशरण गुप्त के संसार में प्रवेश कर चुके हैं।उनके यहाँ कविता भाषा नहीं रह जाती, संस्कार बन जाती है; पंक्तियाँ…

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रामधारी सिंह दिनकर का चित्र

रामधारी सिंह दिनकर का जीवन परिचय

हिंदी साहित्य में जब भी ओज, शौर्य और राष्ट्रीय चेतना की चर्चा होती है, तो सबसे पहले जिस नाम की स्मृति कौंधती है, वह है रामधारी सिंह ‘दिनकर’। वे ऐसे कवि थे जिन्होंने साहित्य को केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं रहने दिया, बल्कि उसे समाज और राष्ट्र की चेतना से जोड़ा। उनकी कविताओं में संघर्ष…

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